आव्रजन/ कानून/ अधिकार


  • निलंबित आईएएस पूजा सिंघल ने ईडी कोर्ट में किया सरेंडर, पुन: जेल गईं(15:59)
    रांची, 4 फरवरी (आईएएनएस)| मनरेगा एवं माइनिंग घोटाला से जुड़े मनीलॉन्ड्रिंग मामले की आरोपी निलंबित आइएएस पूजा सिंघल ने अदालत से मिली अंतरिम जमानत की अवधि पूरी होने के बाद शनिवार को ईडी कोर्ट में सरेंडर किया। इसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। सुप्रीम कोर्ट से सशर्त अंतरिम जमानत मिलने के बाद बीते 4 जनवरी को पूजा सिंघल तकरीबन 8 माह बाद जेल से बाहर आई थीं। बेटी के इलाज के लिए उन्हें सुप्रीम कोर्ट से एक माह के लिए सशर्त जमानत प्रदान की गई थी। इस दौरान उन्हें झारखंड से बाहर रहने का निर्देश दिया गया था।
  • 2019 जामिया हिंसा मामले में शरजील इमाम बरी(12:31)
    नई दिल्ली, 4 फरवरी (आईएएनएस)| 2019 में जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में हुई हिंसा की घटनाओं से संबंधित एक मामले में दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के पूर्व छात्र शरजील इमाम और सह-आरोपी आसिफ इकबाल तन्हा को आरोपमुक्त कर दिया।
  • स्पेन में फुटबॉल मैच के दौरान सिख लड़के से पटका हटाने को कहा(12:10)
    मैड्रिड, 4 फरवरी (आईएएनएस)| स्पेन में एक फुटबॉल मैच के दौरान रेफरी ने नियम के अनुसार टोपी पहनना प्रतिबंधित होने की बात कहते हुए 15 वर्षीय एक सिख लड़के से अपनी पगड़ी उतारने के लिए कहा। सिखएक्सपो के इंस्टाग्राम पेज ने ला वनगार्डिया अखबार के हवाले से कहा कि पिछले सभी मैचों में रेफरी ने अररतिया सी टीम के गुरप्रीत सिंह को पटका पहनने की अनुमति दी थी।
  • 'अपनी सनक पर काम नहीं कर सकते', कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को लगाई फटकार(14:26)
    अतुल कृष्ण
    नई दिल्ली, 3 फरवरी (आईएएनएस)| अदालत ने एक मामले की सुनवाई करते हुए दिल्ली पुलिस को फटकार लगाते हुए कहा कि वे अपनी सनक पर काम नहीं कर सकते। अदालतों के पास जांच एजेंसियों द्वारा अधिकारों के दुरुपयोग की जांच का पर्याप्त अधिकार है। अदालत 28 जनवरी को एक जमानत अर्जी पर सुनवाई कर रही थी, जब उसने देखा कि शिकायतकर्ता और आरोपी दोनों ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया था और पुलिस ने इस बारे में कुछ नहीं किया।
  • बीबीसी डॉक्यूमेंट्री को ब्लॉक करने के खिलाफ याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा सवाल(14:04)
    नई दिल्ली, 3 फरवरी (आईएएनएस)| सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को 2002 के गुजरात दंगों पर बनी बीबीसी डॉक्यूमेंट्री पर प्रतिबंध लगाने के केंद्र के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर नोटिस जारी किया। शीर्ष अदालत ने मामले में अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार करते हुए केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह लिए गए फैसले का मूल रिकॉर्ड पेश करे। मामले की अगली सुनवाई अप्रैल में निर्धारित है। यह निर्देश जस्टिस संजीव खन्ना और एम.एम. सुंदरेश ने निर्देश दिया।